‘जन’ बनाम ‘धन’ की टक्कर

चौथी दुनिया : 5 से 11 नवंबर 1989 में प्रकाशित

फर्रूखाबाद लोकसभा सीट पर जनता दल द्वारा उठाये गये मुद्दे इंका को भारी पड़ रहे हैं। यहां जनता दल प्रत्याशी वरिश्ठ पत्रकार संतोष भारतीय और इंका के धनाढ़य उम्मीदवार सलमान खुर्शीद में सीधा मुकाबला है। सलमान की चुनावी मुहिम भी अभी तक सड़क पर नहीं आ पायी है जबकि संतोष भारतीय ने विश्वनाथ प्रताप सिंह और राजीव गांधी के बीच फैसला करने को अपना मुख्य हथियार बनाया है। इस अभियान को रंग देने के लिए युवा मतदाता खासकर इलाके के इंटरमीडियट और डिग्री कॉलेजों के नौजवान बड़ी तादाद में संतोष भारतीय के पक्ष में घूम रहे हैं। श्री खुर्शीद किन मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ेंगे, यह अभी तक तय नहीं है।

फर्रूखाबाद में 19 नवंबर को जनता दल की एक विशाल जनसभा होने जा रही है। इस जनसभा में बड़े अनूठे ढ़ंग से इंका प्रत्याशी सलमान खुर्शीद को संतोष भारतीय ने आकर देश की और फर्रूखाबाद की स्थानीय समस्याओं पर खुली बातचीत करें। जनसभा मंच पर 12 कुरसियों में एक रिटायर्ड जज, पत्रकार, साहित्यकार और समाज के अन्य तबकों के लोग मौजूद रहेंगे। मंच पर आगे की तीन कुरसियों में से यह प्रावधान किया गया है कि दाहिनी कुर्सी सभा अध्यक्ष के लिए और बायीं कुर्सी सलमान खुर्शीद के लिए खाली रहेगी। इस खुले मंच से संतोष भारतीय और सलमान खुर्शीद में लाखों लोगों के सामने सवाल-जवाब का दौर चलेगा। संतोष भारतीय के मुताबिक यही जनता फैसला करेगी कि फर्रूखाबाद का नेतृत्व किसे मिलना है’ उन्होंने कहा कि सलमान अगर हमारी चुनौती स्वीकारने को तैयार न हों, तो वही ऐसी सभा बलायें, मैं उसमें जवाब देने को तैयार रहूंगा। संतोष भारतीय यहां राष्‍ट्रीय स्तर के सवालों को मुद्दा बनाते हैं। मंहगाई, बेकारी, भ्रष्‍टाचार और रक्षा सौदों में दलाली को अजागर करते हुए वह कहते है ‘रक्षा सौदों के दलालों को सजा दिलानी है तो आपको वी.पी.सिंह के उम्मीदवार को वोट देना होगा।

फर्रूखाबाद के क्षेत्रीय असंतुलन और पिछड़ेपन के सवाल पर श्री भारतीय कहते हैं- फर्रूखाबाद के जो पिछले 40 सालों से सांसद रहे उनसे जनता को पूछना चाहिए कि उन्होंने जिले के औद्योगिक विकास के लिए क्या किया। सड़क, टेलीफोन, बिजली, शिक्षा और संसाधनों में पिछड़े फर्रूखाबाद में अगर आधारभूत सहूलियतें ही नहीं है तो औद्योगिक विकास कहां से होगा? संतोष भारतीय यह चुनावी वादा नहीं कर रहे हैं  कि वह जनता दल की जीत के बाद फर्रूखाबाद को स्वर्ग बना देंगे। वह कहते हैं मैं तो फर्रूखाबाद के औद्योगिकीकरण के लिए आधारभूमि तैयार करने की लड़ाई लड़ने का वादा कर रहा हूं। आज तक इंका सरकार ने न सिर्फ आम आदमी की आदत को बिगाड़ा है बल्कि कई मोरचों पर निराश भी किया है। ऐसे में विकास के लिए संघर्ष ही एकमात्रा विकल्प दिखता है। इंका प्रत्याशी सलमान खुर्शीद के पास सैकड़ों कारों का काफिला है। वह चुनाव प्रचार के नाम पर करोड़ों रूपये खर्च कर रहे हैं इसके मुकाबले संतोष भारतीय अपनी लड़ाई को ‘जन बनाम धन’ की मानते हैं। उन्होंने अपने चुनाव में एक नारा दिया, जो खासा लोकप्रिय हो रहा है।

‘एक तरफ रावण की सेना

एक तरफ रघुवीर है।

राजा नहीं फकीर है, देश की तकदीर है।

संतोष भारतीय आम जनता से वोट के साथ एक नोट भी मांग रहे हैं और मुक्त हस्त से लोग उन्हें नोट दे रहे हैं, और वोट देने का वादा भी कर रहे है।

फर्रूखाबाद में इंका की ओर से कौन-कौन प्रचार में आयेंगे यह अभी तय नहीं हो सका है लेकिन संतोष भारतीय के पक्ष में विकल्प मंच की ओर से सुप्रसिध्द फिल्म अभिनेता राज बब्बर 5-6 नवंबर को फर्रूखाबाद पहुंच रहे हैं। उर्दू ब्लिट्ज अखबार के संपादक हसन कमाल के अलावा 11 से 13 नवंबर के बीच प्रख्यात उर्दू लेखक सज्जात जहीर, रजिया सज्जात भी वहां डटेंगे। नादिरा बब्बर अपने मशहूर नाटय दस्ते ‘एकजुट के साथ संतोष भारतीय के पक्ष में फर्रूखाबाद पहुंच रही हैं ताकि हलकाई लोगों यह बताया जा सके कि इस चुनाव में उनके वोटों की कीमत क्या है।

इसके अलावा जनता दल उम्मीदवार संतोष भारतीय के पक्ष में वरिश्ठ जनता दल नेता चंद्रशेखर, देवीलाल और वी.पी.सिंह भी फर्रूखाबाद जानेवाले हैं। शहर में विकल्प मंच की ओर से संतोष भारतीय के समर्थन में बड़े-बड़े होर्डिग नजर आ रहे हैं जिनमें बर्सपादी सवालों को उठाया गया है।

Comments: Leave a Comment

Leave a Reply

Album : Life Journey

    Get the Flash Player to see the slideshow.