सर्वशक्तिशाली लोग और सबसे मजबूत पार्टी डर जाए, तो उसका कारण जानने की इच्छा होती है. हमारे लिए सवाल है कि महाबली क्यों डर रहे हैं, पार्टी क्यों डर रही है और डर कर चुनाव में उन मुद्दों को उछाल रहे हैं, जो लोगों की रोजी-रोटी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाती हो. वे सवाल गायब […]

गुजरात में चुनाव अभियान जोरों पर है. यहां घटनाक्रम रोज तेजी से बदल रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे को टक्कर देने के लिए कमर कसे हुए हैं. हार्दिक पटेल इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण नाम के तौर पर उभरे हैं. हार्दिक युवा हैं, लेकिन राजनीति में सिर्फ युवा होना ही काफी नहीं होता. […]

गुजरात चुनाव लोगों की ज़ुबान पर है. कांग्रेस ने वहां पूरी ताकत झोंक दी है और भाजपा भी अपनी संपूर्ण शक्ति चुनाव में लगाने जा रही है. कांग्रेस के प्रचार ने भारतीय जनता पार्टी को थोड़ा तो परेशान कर ही दिया है. भारतीय जनता पार्टी ने पहले चरण के चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी […]

आपको 1975 की एक प्रमुख उक्ति याद दिलाना चाहता हूं. देश में आपातकाल लग चुका था. कांग्रेस के अध्यक्ष देवकांत बरूआ थे. देवकांत बरूआ ने एक दिन कहा, इंदिरा इज इंडिया. इंदिरा ही भारत है और पूरी कांग्रेस की टीम इंदिरा इज इंडिया, इंदिरा महान हैं, इंदिरा के अलावा भारत की कल्पना नहीं की जा […]

देश में सोची-समझी कुछ तकनीक अपनाई जा रही है. यह है लोगों के दिमाग को एक धारा में सोचने की तकनीक, एक दिशा में सोचने की तकनीक. लोगों को यह भरोसा दिलाने की भी कोशिश हो रही है कि ऐसा ही है, इसके अलावा कुछ है ही नहीं. अखबार पढ़ने की आदत लोगों की हो […]

गुजरात चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है और ओपिनियन पोल आने लगे. ओपिनियन पोल के ऊपर मीडिया में खासकर टेलीविजन चैनल पर बहस भी शुरू हो गयी. हर टेलीविजन चैनल का यही विषय है कि कौन जीतेगा, राहुल गांधी या नरेंद्र मोदी. किसी भी टेलीविजन चैनल ने ये सवाल नहीं उठाया कि गुजरात चुनाव […]

कुछ सवाल ऐसे हैं, जिनका उत्तर कभी नहीं मिलता है. हर दिवाली पर, दिवाली से पहले प्रदूषण स्तर की बात होती है. बच्चे पटाखे न जलाएं, इसकी शिक्षा स्कूलों में दी जाती है. पर घर में मां-बाप बच्चों के लिए पटाखे खरीदते हैं और इस बार तो गजब हो गया. हालांकि, पटाखे कम चले, लेकिन […]

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के साथ बहुत शिक्षाप्रद घटना घटी और यह बहुत बड़ी सीख देती है. सीख ये देती है कि आप जब एक उंगली दूसरे की तरफ उठाते हैं, तो चार उंगलियां आपकी तरफ भी उठती हैं, और ऐसे सवाल खड़े हो जाते हैं, जिन्हें आप कितना भी टालने की कोशिश करें […]

भारत सरकार एक निश्चित तरीके से काम कर रही है. उसका मानना है कि उसका ये तरीका ही सही है, यानि योजना बनाई, योजना की शुरुआत हुई, फिर कितना काम हुआ, ये नहीं बताते हैं. सभी योजना के पूरा होने में क्या नतीजा निकला, इसके प्रचार में ज्यादा समय लगाते हैं. अब देश में मीडिया […]

ये हमारे दौर के बाप-बेटे की दूसरी कहानी है. यशवंत सिन्हा ने अपनी सीट अपने बेटे जयंत सिन्हा को ये मान कर दी कि जयंत सिन्हा उनके रहते-रहते राजनीति में स्थापित हो जाएं और वो हजारीबाग से लोकसभा में आ जाएं. यशवंत सिन्हा लगातार हजारीबाग जाते रहे, वहां के लोगों से उनका संपर्क रहा. झारखंड […]