भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और गृह मंत्री की राय के बिना राज्यपाल यह फैसला नहीं करते कि वह पहले अभिभाषण देंगे और फिर विधानसभा में विश्‍वास मत का परीक्षण होगा. यह तर्क समझ में नहीं आता कि बजट सत्र का महत्व स्वयं राज्यपाल समझते हैं या फिर नहीं समझते. दरअसल, बजट सत्र चाहे […]

नरेंद्र मोदी जी, विज्ञान बहुत आगे बढ़ गया है. तकनीक उपलब्ध है. मैंने अपनी आंखों से वायुमंडल से पानी बनते हुए देखा है और एक मशीन रोज 1000 लीटर पेयजल बना सकती है यानी एक गांव के लिए 2000 लीटर पेयजल काफी है. पर ऐसी मशीनें न नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता है और न […]

जी बिजनेस एक फॉलोअप सीरीज चला रहा है. इसमें मोईन कुरैशी को लेकर दो एपिसोड किए गए और दोनों एपिसोड यह बताते हैं कि देश का पूरा अर्थतंत्र उन लोगों के आगे-पीछे घूम रहा है, जिनका अर्थतंत्र से कोई मतलब नहीं है, लेकिन जो अर्थतंत्र को नष्ट करने के ज़िम्मेदार हैं. इनमें हवाला व्यापारी हैं, […]

किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल कभी बहुत गहरे दोस्त थे, लेकिन उस गहरी दोस्ती में भी एक प्रतिद्वंद्विता छिपी हुई थी. जब अन्ना हजारे का आंदोलन चल रहा था, तब हमें संगठक और आंदोलन के चेहरे के रूप में अरविंद केजरीवाल दिखाई दे रहे थे. वहीं दूसरी तरफ़ किरण बेदी मंच पर झंडा फहरा कर, […]

बजट आने वाला है, बजट की तैयारियां शुरू हो गई हैं और वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पूर्व बैठकें भी शुरू कर चुके हैं. मानना चाहिए कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के रोडमैप का पहला बजट होगा. पिछले बजट में कहा गया था कि भारतीय जनता पार्टी या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या वित्त […]

कामनाएं की गई थीं कि पिछली शताब्दी में जितने ख़ून-ख़राबे हुए, जितनी असहिष्णुता हुई, वह अगली शताब्दी में नहीं होगी. नई शताब्दी आई, लेकिन लोगों की शुभकामनायें काम नहीं आईं. विश्‍व के लगभग हर देश में किसी न किसी प्रकार के सशस्त्र संघर्ष चल रहे हैं. असहमति के लिए कोई जगह बचेगी या नहीं, इस […]

आप 2015 की शुरुआत में ये शब्द पढ़ रहे हैं. हमारा यह कर्तव्य है कि हम आपको उन बातों से आगाह करें और आगाह करने के कारण भी बताएं कि क्या हो सकता है, अगर सावधानियां न रखी जाएं तो. दरअसल, हमारा भी वही कर्तव्य है, जो एक डॉक्टर का होता है. डॉक्टर अपने मरीज […]

पाकिस्तान के पेशावर में बच्चों की हत्या को दुनिया आसानी से नहीं भूल पाएगी. हालांकि, बच्चों की हत्या अफ्रीकी देशों में भी की जाती है. बच्चों की हत्या का एक अभियान मैक्सिको में चला, ब्राजील में चला, लेकिन उनकी संख्या भी कम होती थी और उनके कारण अलग-अलग होते थे. पाकिस्तान में जिस तरह से […]

भारत की संसद में महान विद्वान सांसद हैं. लोकसभा हो या राज्यसभा, इन सांसदों से मिलने पर लगता है कि इनसे बड़ा बुद्धिमान और इनसे ज्यादा समझदार देश में कोई है नहीं. इस समझदारी पर उनकी आरती उतारी जाए, ऐसा मन करता है. सांसदों के बारे में अगर कोई बात करें, उसे सांसद संसद के […]

संसद और सांसदों के तरीके कैसे बदलते हैं, इसका एक उदाहरण आपको बताते हैं. उदाहरण के केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी का नाम है. पर इसके पहले अगर हम संसद का इतिहास देखें, तो पाएंगे कि पहले संसद की बैठकें नियमित तौर पर होती थीं और वहां सभी विषय बहुत गंभीरता के साथ उठाए जाते […]