अटल जी पिछले कई वर्षों से स्थितप्रज्ञ की अवस्था में थे. वे न बोलते थे न सुनते थे, बस उन्होंने जो जिया है, जो पाया है, जो करना चाहा और जो अधूरा रह गया शायद उसके बारे में अपने अंतर्मन में सोचते रहते होंगे. स्थितप्रज्ञ ऐसी अवस्था होती है, जिसमें व्यक्ति पूर्णतया बाहृय जगत से […]

हमारे देश में कुछ स्थितियां ऐसी बन जाती हैं जिनके पीछे कोई तर्क नहीं होता, लेकिन स्थितियां बन जाती हैं. जैसे, मैं जब से रिपोर्टिंग कर रहा हूं, देखता हूं कि अगर कहीं बड़ी डकैती की घटना हो जाती है, तो फिर अचानक डकैतियों से जुड़ी घटनाओं की बाढ़ आ जाती है. कहीं अगर बलात्कार […]

इन दिनों उन पत्रकारों पर शनि की साढ़े साती चल रही है, जो थोड़ा स्वतंत्र रूप से सोचते हैं. जो संस्थान पत्रकारिता से जुड़े हैं, चाहे वो अखबार निकाल रहे हों या न्यूज चैनल चला रहे हों, उनका पत्रकारिता के प्रति कमिटमेंट या उनकी निष्ठा संदेहास्पद तो नहीं है, लेकिन वे सवालों के दायरे में […]

इतिहास सभी को मौका देता है. कोई इन अवसरों का फायदा उठाकर हमेशा के लिए इतिहास में अपना नाम लिखवा लेता है और कोई इन्हें व्यर्थ गंवा देता है. कुछ लोगों में हिम्मत होती है, कल्पनाशीलता होती है, सपना होता है और यथार्थ को समझकर आगे बढ़ने की लालसा होती है. भारत में जवाहरलाल जी […]

अब कांग्रेस राहुल गांधी की कांग्रेस है. हालांकि पिछले दस साल से राहुल गांधी कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे और जब कांग्रेस अध्यक्ष का बेटा वरिष्ठ उपाध्यक्ष हो तो पार्टी उसी के हाथ में होगी. सोनिया जी ने राहुल के किसी भी फैसले पर उंगली नहीं उठाई. अब सात महीने पहले राहुल गांधी कांग्रेस के […]

2019 आम चुनाव का महाअभियान प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कर दिया है. सारे देश में वो और अमित शाह घूमना शुरू कर चुके हैं. हर मुद्दा चुनाव को देखते हुए उठा रहे हैं. यह अलग बात है कि उन्होंने 2012 से लेकर 2014 तक किए गए वादों के बारे में बोलना बंद कर दिया हैं, […]

पिछले दिनों जब पूरा यूरोप फुटबॉल वर्ल्ड कप के बुखार में था, उस दौरान लंदन में था. लंदन की हर गली, ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट, रिजेंट स्ट्रीट, पिकैडली, ऑर्चर रोड, पेडिंगटन, साउथ हॉल, एलिंग, ब्रॉडवे, हर जगह, जहां भी अच्छे रेस्ट्रां हैं या पब हैं, सबमें बड़े-बड़े टीवी सेट लगे हुए थे. कुछ जगहों पर वीडियो वॉल […]

मुझे नहीं लगता कि विरोधी पक्ष में रहने वाले कोई सीख ले पाएंगे और यही प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की सबसे बड़े आशा है. ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं कि चाहे उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो या कर्नाटक हो, विरोधी पक्ष आपस में लड़ने और किसी एक साथी को किस तरह से दूर […]

किसी की मौत के बाद, उसकी पहचान उसके लिखे हुए और बोले हुए शब्द ही होते है, जो हमेशा हमारे सामने रहते है. शुजात बुखारी अब हमारे साथ नहीं हैं. लगभग 15 से ज्यादा गोलियों ने उन्हें हमसे छीन लिया. गोली चलाने वाले हाथ किसी और के थे और गोली चलाने का आदेश देने वाले […]

भैय्यू जी महाराज की आत्महत्या इस देश के उन लोगों की कहानी है, जो बड़े लोग होते हैं लेकिन अपने आसपास के लोगों को नहीं पहचानते हैं. एक बार मैं आपसे कोगी का जिक्र कर चुका हूं. कोगी एक ऐसा कीड़ा होता है, जो मानव शरीर के भीतर पीछे से घुसता है और पेट के […]