मुझे किसी ने दो दिन पहले एक कहानी सुनाई. कहानी पुरानी है. एक राजा था. एक दिन उसके यहां दो दर्जी आए. उन्होंने कहा कि हम स्वर्ग से धागा लाकर पोशाक बनाते हैं, जिसे देवता पहनते हैं. राजा ने कहा, एक पोशाक मेरे लिए भी बनाओ, मुंहमांगा इनाम मिलेगा. दर्जी ने कहा, ठीक है. मुझे […]

हम अपने को उस भीड़ में चाह कर भी शामिल नहीं कर पाते, जो भीड़ विरुदावली गाती है, जो भीड़ चंदबर दाई की श्रेणी की है और जो भीड़ ताकतवर और सत्ताधारियों के कशीदे पढ़ती है. दरअसल हमारे दिमाग में पत्रकारिता के उस सिद्धांत का फितूर भरा है कि किसी भी पत्रकार को विरुदावली गाने की […]

श्री नगर में, शहर में भी और उत्तरी व दक्षिणी कश्मीर के देहातों में पूरा बंद है. आंदोलनों के इतिहास में दूसरा उदाहरण नहीं मिलता. सामान्य लोग, जो कमाते हैं, खाते हैं, वे लोग जो टैक्सी या बस चलाते हैं, वे लोग जो शिकारा चलाते हैं, वे सारे लोग इस बंद में शामिल हैं. सड़कों […]

ये शिकायत नहीं है, ये गुस्सा भी नहीं है और इसके आगे कहें, तो अब कोई तकली़फ  भी नहीं है, क्योंकि ऐसा लगता है कि दर्द हद से ज्यादा बढ़ गया है. स़िर्फ कुछ शंकाएं हैं वो शंकाएं प्रधानमंत्री जी से कह नहीं सकते क्योंकि प्रधानमंत्री जी को लोगों का ख़त मिलना पसंद नहीं आता. […]

बेंगलुरु में गाय के ऊपर आयोजित एक सम्मेलन में शामिल होने गया था. छह तारीख की शाम मुझे कर्नाटक के मुख्यमंत्री से मिलना था. मुझे मुख्यमंत्री के पास ले जाने के लिए बीआर पाटिल अपनी गाड़ी में आए और ले गए.  ट्रैफिक बहुत ज़्यादा था. जब मुख्यमंत्री से मिलकर मैं वापस लौटा, तो इतनी भीड़ थी […]

चलिए चुनाव खत्म हो गया. चुनाव की अदावत, चुनाव की भाषा और चुनाव में लगाए गए आरोप-प्रत्यारोप सामान्य लोगों को बहुत दिनों तक याद रहेंगे. लेकिन, राजनेता यह सब भूल जाएंगे और वे यह भी भूल जाएंगे कि उन्होंने ऐसी भाषा का इस्तेमाल करके कितने लोगों के मन में अच्छी राजनीति की संभावनाओं की आशा […]

मैं   11-12-13 सितंबर को कश्मीर में था. मैंने बकरीद कश्मीर में मनाई थी. बकरीद के बाद, मैंने प्रधानमंत्री को एक खत लिखा. इस खत में मैंने प्रधानमंत्री को कश्मीरियों की तकलीफ, उनकी मांगें, उनकी चिंताएं, जो भी मैंने अपनी आंखों से देखी-समझी, लिखने की कोशिश की. उस खत की शुरुआत में मैंने लिखा था कि […]

कश्मीर का एक सबसे बड़ा पेंच कश्मीर के बारे में, कश्मीर के अलावा हिंदुस्तान के लोगों को जानकारियां बहुत कम हैं. जो कश्मीर जाते हैं, वो शिकारे में बैठने, कश्मीर की सुंदरता देखने, वहां घूमने, सैर-सपाटे के लिए जाते हैं. कश्मीर में क्या हो रहा है, कश्मीर के लोग कैसे जी रहे हैं, कश्मीर के […]

देश की राजनीति का भविष्यदर्शन लगभग हर प्रदेश में हो रहा है. गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार में हो रहा है और अब उत्तरप्रदेश एक नए तरह के इतिहास का चश्मदीद गवाह बन रहा है. हम सुनते थे कि सत्ता, पैसा, यश और भविष्य में सब कुछ अपने इर्द-गिर्द रखने की चाह, अच्छे-अच्छे रिश्तों को […]

हमारा देश महान देश है. इस देश में बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं. पूजा-पाठ करते हैं. पत्थरों में भगवान का दर्शन करते हैं. पेड़ों को पानी देते हैं. पौधों की पूजा करते हैं. चांद-सूरज को अर्ध्य देते हैं. उनसे अपने सुखद और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं, लेकिन इंसानों को भूल जाते हैं. […]