देश में एक बार फिर जनता परिवार के एकजुट होने के प्रयासों की चर्चा जोरों पर है. भारतीय राजनीति में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के उभार और कांग्रेस में लगातार बढ़ती उदासीनता के चलते यह प्रासंगिक और ज़रूरी भी है. वजह यह है कि आज देश एक सशक्त विपक्ष का अभाव झेलने को […]

नरेंद्र मोदी का भाषण हमें खुश कर सकता है. उनकी अपील में जो उन्होंने नक्सलवादियों से की, उसमें हम सार्थकता देख सकते हैं. लेकिन, अगर नरेंद्र मोदी इसके साथ यह घोषणा करते कि विकास कार्यों में होने वाला भ्रष्टाचार किसी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, तो शायद ज़्यादा सार्थक नतीजा निकलता. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री […]

श्री नरेंद्र मोदी की पांच साल चलने वाली सरकार का पहला बजट सामने आ गया. जब रेल के किराये में 14.20 प्रतिशत की वृद्धि बजट का इंतज़ार किए बिना की गई थी, तब हमें लगा था कि शायद बजट इससे भिन्न होगा, लेकिन जैसे ही यह तर्क आया कि यह वृद्धि हमने नहीं की है, यह […]

नरेंद्र मोदी को ईश्‍वर ने, अल्लाह ने, गॉड ने, वाहेगुरू ने या दूसरे शब्दों में कहें तो वक्त ने इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है. नरेंद्र मोदी के सामने पिछले 64 सालों की सफलताओं और असफलताओं के अनुभव हैं. किस पार्टी ने या किस प्रधानमंत्री ने लोगों के लिए क्या किया, क्या नहीं […]

मान लेना चाहिए कि नरेंद्र मोदी देश के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे. जिस तरह उनकी सभाओं में भीड़ उमड़ रही है और जिस तरह का उनका प्रचार चल रहा है, वह दर्शाता है कि सारा देश उनके साथ है. बस, थोड़ी-सी कसर सर्वे रिपोर्ट्स बता रही हैं. भारतीय जनता पार्टी को अकेले 170 से 180 सीटें […]

ये सारे एनजीओज सरकार से भी पैसा लेते हैं और विदेशों से भी प्रचुर मात्रा में धन लेते हैं और चूंकि अन्ना हजारे एवं ममता बनर्जी के मिलने से प्रो-पीपुल इकोनॉमी के पक्ष में माहौल बनने की संभावना प्रबल हो गई थी, इसलिए यह साजिश हुई कि अगर अन्ना भाजपा, कांग्रेस और उनके पुराने सहयोगियों […]

अरविंद केजरीवाल अकेले अन्ना के पास महाराष्ट्र सदन गए और वहां पर उन्होंने अन्ना से कहा कि अन्ना, आपको गलतफहमी हुई है, लोगों ने आपको बहका दिया है. अन्ना उनकी बात सुनते रहे. स़िर्फ दो लोग उस मीटिंग में थे, एक स्वयं अन्ना हजारे और दूसरे अरविंद केजरीवाल. अरविंद 20 मिनट बाद चले गए. अरविंद […]

मनमोहन सिंह के पहले जवाहर लाल नेहरू दस वर्षों से अधिक समय तक देश का प्रधानमंत्री रहने का गौरव हासिल हुआ. यह वह दौर था जब देश लोकतंत्र का ककहरा सीख ही रहा था, लेकिन जब मनमोहन सिंह के हाथ में देश की कमान आई तब तक भारत एक परिपक्व लोकतंत्र बन चुका था. मौजूदा […]

अरविंद केजरीवाल ने कई राजनीतिक मान्यताओं को बदला है. हालांकि, उन्होंने कोई नई रणनीति नहीं बनाई. कांग्रेस और भाजपा के प्रति मतदाताओं के गुस्से को ही अपना हथियार बनाया, लेकिन अब वे बदलाव के ट्रेंड सेटर के तौर पर उभर रहे हैं. ज़ाहिर है कि अब उनकी निगाहें लोकसभा चुनाव की ओर हैं, जिसके लिए […]

मोदी जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से मिले, तो उन्होंने मोहन भागवत से स़िर्फ एक बात कही कि अगर आप मुझे खुला हाथ दें तो मैं देश का प्रधानमंत्री बनकर दिखा सकता हूं. मोहन भागवत ने सारे व्यक्तित्वों के बारे में सोचा और अंततः वह इस नतीजे पर पहुंचे कि सबसे अच्छा […]