पहले कॉमेडी होती थी, उसमें ऊल-जलूल हरकतें भी होती थीं, लेकिन फूहड़ता का अंश कम रहता था. अगर दादा कोंडके को छोड़ दें, जो मराठी फिल्मों में द्वइर्थी संवादों के प्रणेता रहे और जिन्होंने अपनी फिल्मों में द्वइर्थी संवादों को लेकर हास्य पैदा करने की कोशिश की. कम से कम हिंदी में ऐसा कोई उदाहरण […]

समस्याएं गहराती जा रही हैं. लोग परिणाम चाहते हैं. भाजपा में भी बेचैनी है. वरिष्ठ नेताओं एवं वरिष्ठ सांसदों का प्रधानमंत्री से न संपर्क है और न संवाद. प्रधानमंत्री के भक्त कहते हैं कि इस साल, बिहार के चुनावों के बाद समस्याओं का हल होना प्रारंभ हो जाएगा. सवाल यह है कि भाजपा के भीतर […]

हम यहां बिहार को लेकर सुबह चार बजे देेखा हुआ सपना लिख रहे हैं. हमें नहीं मालूम कि हम जो सपना लिख रहे हैं, उसमें कितना सच है, कितना नहीं, लेकिन यह सपना इतना मजेदार है कि इससे जनता परिवार के मनोविज्ञान का, जनता परिवार के क़दमों का और जनता परिवार की सोच का पता […]

पिछले साल लोकसभा चुनाव में भारी-भरकम बहुमत हासिल करके केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई भारतीय जनता पार्टी के अंदरखाने सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. वरिष्ठ और निष्ठावान नेताओं-कार्यकर्ताओं की अनदेखी संगठन के अंदर असंतोष पैदा कर रही है, जो दिनोंदिन गहराता जा रहा है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख कार्यकर्ता संजय जोशी […]

समाजवादी पार्टी चीफ मुलायम सिंह यादव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एकजुट होकर एक नई पार्टी का गठन करने का फैसला किया है. नई पार्टी बनाने का निर्णय 26 मार्च को दिल्ली में मुलायम सिंह यादव के निवास पर हुई एक गुप्त बैठक में लिया गया. […]

बहुत पुराना शेर है और आपको जरूर याद होगा… ये इश्क नहीं आसां, बस इतना ही समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है. सारे देश में और जो राजनीति में हैं, उनमें यह सिर्फ नीतीश कुमार के ऊपर, जिस लम्हा हम और आप बात कर रहे हैं, लागू होता है. […]

सवाल मुस्लिम संगठनों का भी है. मुसलमानों के नेता, मुसलमानों के संगठन सामाजिक हों या राजनीतिक हों, इनमें से किसी को इस बात की चिंता नहीं हुई कि हाशिमपुरा हत्याकांड मुस्लिम समाज की चिंता का केंद्रबिन्दु बने. उनके लिए गरीब मुसलमानों की ज़िन्दगी विदेशों में भाषण देने का विषय तो बन जाती है, पर देश […]

मोहन भागवत किसी भी तरह नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय पटल पर नहीं लाना चाहते थे, लेकिन मोहन भागवत की इस योजना में एक त्रुटि थी. जिस तरह मोहन भागवत सोच रहे थे, उस तरह से गुजरात में उनके विचारों को अमल में लाने वाला कोई राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं था. स़िर्फ एक व्यक्ति पर उनकी निगाह […]

सितंबर में सोनिया गांधी पूर्ण रूप से रिटायर होने जा रही हैं. यानी, सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने जा रही हैं. जाहिर है, इस पद पर सोनिया गांधी के बाद राहुल गांधी आएंगे. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि चुनाव दर चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को लगातार सिर्फ हार का सामना […]

कश्मीर में आई बाढ़ ने घाटी में काफी कुछ बदल कर रख दिया है. इस बाढ़ ने तबाही तो खूब मचाई, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर भी दिखाई देने लगा है. कश्मीर में एक बड़ा बदलाव आया है, वह है सोच का. इस बाढ़ में मुश्किलों का सामना कर बाहर निकले स्थानीय लोगों की […]