फर्रूखाबाद। उत्तर प्रदेश के इस निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने उम्मीदवार हटा लेने के बाद जनता दल एवं इंका के बीच सीधे संघर्ष की स्थिति है। जनता दल के प्रत्याशी संतोष भारतीय जो कि दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी साप्ताहिक चौथी दुनिया के सम्पादक भी हैं को निश्चिय ही अपना मार्ग प्रशस्त दिख [...]
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चौथी दुनिया : 1989 राजनीति के अपराधीकरण सत्ता के परिवारवाद, मंहगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की वजह से त्रस्त युवा वर्ग को सही दिशा देने के लिए जब जयप्रकाश नारायण ने जन आंदोलन का आह्वान किया था तो इस मुहिम से सार्वजनिक जीवन की सक्रिय शुरूआत के साथ हमारे संपादक संतोष भारतीय ने बदलाव का सपना [...]
प्रभात ख़बर : रांची 7 दिसम्बर 1989 मृदुभाषी, परिस्थियों से समझौता करने में माहिर, रंग मिजाज और रविवार पत्रिका के पूर्व विशेष प्रतिनिधि तथा दिल्ली से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक अखबार चौथी दुनिया के संपादक संतोष भारतीय जनता दल की टिकट पर फर्रूखाबाद से चुनाव जीतकर इस बार संसद पहुंचे हैं। भले ही श्री भारतीय [...]
चौथी दुनिया : 1989 राजनीति के अपराधीकरण सत्ता के परिवारवाद, मंहगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की वजह से त्रस्त युवा वर्ग को सही दिशा देने के लिए जब जयप्रकाश नारायण ने जन आंदोलन का आह्वान किया था तो इस मुहिम से सार्वजनिक जीवन की सक्रिय शुरूआत के साथ हमारे संपादक संतोष भारतीय ने बदलाव का सपना [...]
चौथी दुनिया : 5 से 11 नवंबर 1989 में प्रकाशित फर्रूखाबाद लोकसभा सीट पर जनता दल द्वारा उठाये गये मुद्दे इंका को भारी पड़ रहे हैं। यहां जनता दल प्रत्याशी वरिश्ठ पत्रकार संतोष भारतीय और इंका के धनाढ़य उम्मीदवार सलमान खुर्शीद में सीधा मुकाबला है। सलमान की चुनावी मुहिम भी अभी तक सड़क पर नहीं [...]
चौथी दुनिया : 5 से 11 नवंबर 1989 में प्रकाशित उत्तर प्रदेश में फर्रूखाबाद संसदीय क्षेत्र से चौथी दुनिया साप्ताहिक के संपादक श्री संतोष भारतीय जनता दल के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। श्री सलमान खुर्शीद कांग्रेस (आई) के उम्मीदवार के रूप में उनका सामना करेंगे। कहने को तो भाजपा के दयाराम [...]
Santosh Bhartiya is credited for revolutionizing the nature and approach of present day television scenario in India, especially election coverage, by making it people-centric from leader and political party-centric. It was his idea of directly involving the voter and common people, which he implemented during the assembly election of Rajasthan, Madhya Pradesh, and Delhi & Chattisgarh in the year 2003. This pioneer endeavor of Mr. Bhartiya compelled all the other TV channels to follow suit during the Lok Sabha Election of 2004.
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